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*दिनांक 14.07.2026*
*यातायात पुलिस बिलासपुर की चेतना यातायात मितान हेतु उल्लेखनीय पहल*
*डीआईजी और एसएसपी रजनेश सिंह के हाथों जिले के चयनित 120 चेतना यातायात मितान को वितरित की गई सड़क सुरक्षा मितान किट*
*चेतना-यातायात मितान को यातायात संबंधी प्रबंधन के लिए ड्रेस कोड निर्धारित करके टी-शर्ट एवं कैप भी किए गए वितरित*
*जिले के विभिन्न विद्यालयों से शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में दी गई विशेष प्रशिक्षण*
*एनसीसी, एनएसएस एवं स्काउट गाइड के कार्यक्रम अधिकारी को भी मास्टर ट्रेनर के रूप में किया गया प्रशिक्षित*
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को यातायात नियमों तथा ट्रैफिक अनुशासन के संबंध में लगातार जागरूक किया जा रहा है साथ ही आम नागरिकों को अधिक से अधिक यातायात पुलिस के साथ सहयोगी बनकर सड़कों पर सरल, सुगम, सुरक्षित, सुव्यस्थित एवं सुचारू आवागमन हेतु सुरक्षा मानकों एवं मापडंडों का पालन कर नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में आज यातायात पुलिस बिलासपुर के द्वारा जिले के सभी प्रकार के मार्गो के नजदीक निवास करने वाले नागरिकों में 120 नागरिकों को चिन्हित कर प्रारंभिक चरण में उन्हें “चेतना यातायात मितान” के रूप में चयनित किया गया है। सभी यातायात मितान के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कर उन्हें यातायात नियमों के प्रावधानों, सड़क दुर्घटना पर त्वरित रेस्क्यू एवं सहायता उपलब्ध कराने हेतु तात्कालिक बचाव के उपाय के संबंध में प्रशिक्षित की गई है। सड़क दुर्घटना की स्थिति तत्काल गोल्डन ऑवर में आहत के प्राथमिक उपचार एवं नजदीकी अस्पताल ले जाने के संबंध में बरते जाने वाले सावधानियां के संबंध में विस्तार से बताई गई है साथ ही हिट एंड रन मामलों में क्षतिपूर्ति, सहित सड़क दुर्घटना के अन्य प्रकरणों में भी क्षतिपूर्ति के प्रावधान के संबंध में उन्हें जागरूक किया गया है ताकि वे नागरिकों को सड़क दुर्घटना की स्थिति में जनहित के शासकीय योजनाओं के संबंध में बता सके।
इसी के साथ ही नवीन चिन्हित “चेतना यातायात मितानों” को राहगीर योजना, प्रधानमंत्री राहत योजना, आई टी एम एस के प्रक्रिया, आदि का विषय विशेषज्ञों के द्वारा विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है। इस दौरान कार्यक्रम के बहू आयामी उद्देश्यों से अवगत कराते हुए समस्त उपस्थित जनों को आई-रेड एवं ई -डार में ऑनलाइन प्रविष्टियों के माध्यम से किस तरीके से अखिल भारतीय स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं के कारण एवं परिणामों के संबंध में डाटा संचय की जाती है इसके संबंध में भी सभी को अवगत कराई गई। साथ ही जिले के विभिन्न स्कूलों तथा एनएसएस एनसीसी स्काउट गाइड के कार्यक्रम अधिकारियों, विभिन्न नागरिक संगठनों के जिम्मेदार सदस्यों तथा अन्य उपस्थित नागरिक सदस्यों को अलग-अलग सत्र में विभाजित कार्यशाला में निर्धारित सभी बिंदुओं का विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गई है। बिलासपुर जिले के विभिन्न विद्यालय से उपस्थित शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित किया गया है ताकि वह जिले के विभिन्न स्कूलों में जाकर सड़क सुरक्षा के मानकों व मापदंडों तथा यातायात नियमों के संबंध में सभी विद्यालय के छात्र-छात्राओं को जागरुक कर सकें।
इस दौरान विशेष करके नव चयनित “चेतना यातायात मितानों ” को सड़क सुरक्षा से संबंधित यातायात की निर्धारित यातायात पुलिस की ओर से “चेतना यातायात मितान” का टी शर्ट व कैप प्रदान की गई ताकि वे आवश्यकता की स्थिति में इन यूनिफॉर्म को धारण कर संवेदनशील मार्गो में सरल, सुगम, सुरक्षित एवं सुचारु आवागमन बनाए जाने में बिलासपुर व यातायात पुलिस बिलासपुर का सहभागी बन सके।
इस अवसर पर यातायात पुलिस बिलासपुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे, डीएसपी शिवचरण परिहार, आर आई भूपेंद्र गुप्ता, आई टी एम एस से वाई श्रीनिवास, समीर चंद्राकर एनआईसी, सेवानिवृत्त उप निरीक्षक उमाशंकर पांडेय, शिक्षक मुकुल शर्मा, स्काउट गाइड, एनसीसी, एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य, नागरिक संगठनों के सदस्य, लाइंस क्लब अध्यक्ष लाइन शैलेश बाजपेयी तथा 300 से अधिक यातायात मितान व शिक्षक व कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित थे।
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