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गैसड़ी/बलरामपुर: : जिले के विकास खंड गैसड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत चमरबोझिया से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ मनरेगा में धांधली के साथ-साथ ग्राम रोजगार सेवक की नियुक्ति पर ही बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने पुख्ता दस्तावेजों और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की प्रतियों के साथ उच्च अधिकारियों से शिकायत की है, जिसमें खुलासा हुआ है कि रोजगार सेवक की अंकतालिकाओं में अंकों के जोड़ से लेकर श्रेणी (Division) तक में भारी गड़बड़ी है।
1. मार्कशीट का चौंकाने वाला सच: गणित फेल, नंबरों के जोड़ में भारी हेरफेर!
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की अंकतालिकाओं का गहन विश्लेषण करने पर कई हैरान करने वाली गणितीय और तकनीकी खामियां पाई गई हैं:
2002 (पूर्वा मध्यमा) की अंकतालिका में झोल:
पहला भाग: अनिवार्य विषयों में प्राप्तांक 35 + 32 + 38 = 105 होते हैं, लेकिन अंकतालिका में इसका जोड़ 144 लिखा गया है!
दूसरा भाग: साहित्य और हिन्दी के प्राप्तांक 36 + 40 = 76 होते हैं, जबकि मार्कशीट पर जोड़ 181 दर्ज है!
कुल अंक विरोधाभास: वास्तविक जोड़ 105 + 76 = 181 होना चाहिए था, परंतु मार्कशीट पर 325 / 500 चढ़ा दिया गया।
श्रेणी (Division) में सबसे बड़ा झोल:
2002 की अंकतालिका में 325 अंक दिखाकर “द्वितीय श्रेणी” (2nd Division) दर्ज है।
2002 के ही प्रमाण पत्र (Certificate) में अभ्यर्थी को “तृतीय श्रेणी” (3rd Division) में उत्तीर्ण दिखाया गया है। एक ही वर्ष और एक ही परीक्षा के दो दस्तावेजों में श्रेणी का अलग होना सबसे बड़ा संदेह पैदा करता है।
2004 (उत्तर मध्यमा) की अंकतालिका में गड़बड़ी:
अग्निवार्य विषय: 35 + 30 + 32 = 97 अंक होते हैं, पर योग 205 दिखाया गया है।
वैकल्पिक विषय: 28 + 40 + 38 = 106 अंक होते हैं, पर योग 203 लिखा गया है।
परिणाम: वास्तविक योग 97 + 106 = 203 के बजाय कुल प्राप्तांक 408 / 600 दर्ज करके “प्रथम श्रेणी” दे दी गई है!
2. 14 वर्षों से सरकार को गुमराह करने का आरोप
लोकपाल मनरेगा (विकास भवन, बलरामपुर) को सौंपे गए पत्र (दिनांक 09.08.2023) में शिकायतकर्ता बजरंगी, तिरकराम यादव और स्वामी दयाल यादव ने आरोप लगाया है कि रोजगार सेवक नाज़िर (पुत्र अ० कलीम) वर्ष 2009 से (खण्ड विकास अधिकारी गैसड़ी के आदेशानुसार) इन्हीं संदिग्ध दस्तावेजों के सहारे सरकारी तंत्र को गुमराह कर नौकरी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी शिकायतें की गईं, लेकिन विभागीय शह के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
3. मनरेगा में JCB का नंगा नाच और फर्जी निस्तारण
मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बलरामपुर को भेजी गई आईजीआरएस शिकायत (संख्या: 40018223007861) के अनुसार:
मशीनों का अवैध इस्तेमाल: वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत में नाला सफाई का कार्य मनरेगा मजदूरों से कराने के बजाय JCB मशीन से कराया गया, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
दोबारा भुगतान का खेल: आरोप है कि पूर्व में कराएं जा चुके इसी कार्य का दोबारा भुगतान उठाने की साजिश रची जा रही है।
जांच में सांठगांठ: शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच अधिकारी ने मौके पर शिकायतकर्ताओं या ग्रामीणों को बुलाए बिना, ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक से साठ-गांठ कर मनमाने तरीके से फर्जी रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें
अभिलेखों का सत्यापन: बोर्ड (उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद) से रोजगार सेवक के अनुक्रमांक (2002: 214240 और 2004: 354219) का तत्काल भौतिक सत्यापन कराया जाए।
रिकवरी व एफआईआर: फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर 14 वर्षों में उठाए गए वेतन/मानदेय की रिकवरी कर एफआईआर दर्ज की जाए।
सुरक्षा की गुहार: भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने वाले शिकायतकर्ताओं ने अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।
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