Breaking News

विशाखापत्तनम से गोरखपुर तक सीधी ट्रेन चलाने की मांग तेज, मॉर्य एक्सप्रेस के विस्तार की उठी आवाज…

Jdnews Vision….

राघवेंद्र मिश्रा

मैनेजिंग एडिटर…

विशाखापत्तनम: :  उत्तर प्रदेश और बिहार के हजारों प्रवासी परिवारों ने विशाखापत्तनम से गोरखपुर के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग तेज कर दी है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि वर्तमान में बड़ी संख्या में यात्रियों को कई ट्रेनों से बदलकर यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है।

हाल ही में गोकुल थिएटर के निकट आयोजित जय श्रीराम हिंदी वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी राजेश ओझा ने की। वरिष्ठ सदस्य जगत जी ने कहा कि विशाखापत्तनम एवं आसपास के क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंडल, देवरिया, संत कबीर नगर तथा बिहार के पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सारण और सीवान जिलों के लगभग 50 हजार से अधिक लोग वर्षों से निवास कर रहे हैं। इन लोगों के लिए विशाखापत्तनम से गोरखपुर तक सीधी रेल सेवा समय की आवश्यकता बन गई है।

बैठक में सुझाव दिया गया कि वर्तमान में गोरखपुर–संबलपुर (15028) तथा संबलपुर–गोरखपुर मॉर्य एक्सप्रेस (15027) का परिचालन हो रहा है। यदि इस ट्रेन का विस्तार कर इसे विशाखापत्तनम तक चलाया जाए तो हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और उत्तर प्रदेश, बिहार तथा आंध्र प्रदेश के बीच रेल संपर्क भी अधिक सुदृढ़ होगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि इस मांग को लेकर जल्द ही रेल मंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। साथ ही प्रतिनिधिमंडल दक्षिण तटीय रेलवे (South Coast Railway) के महाप्रबंधक (GM) एवं विशाखापत्तनम मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) से भी मुलाकात कर मॉर्य एक्सप्रेस का विस्तार विशाखापत्तनम तक किए जाने का अनुरोध करेगा।

संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि रेलवे जनभावनाओं और यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेता है, तो इससे लाखों यात्रियों को भविष्य में सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्रीय रेल संपर्क को नई मजबूती प्राप्त होगी।

About admin

Check Also

राहत शिविरों में हो रही मौतों पर आगबबूला हुए CJI सूर्यकांत… सरकार को लगाई लताड़….

Jdnews Vision….. मणिपुर के राहत शिविरों में हो रही मौतों और यौन उत्पीड़न के गंभीर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *