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बिलासपुर में टेक्निशियनों के भरोसे पैथोलॉजी जांच
रिपोर्टिंग व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल,,
बिलासपुर शहर में संचालित कुछ पैथोलॉजी लैबों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं,,
आरोप है कि कई लैबों में खून की जांच से लेकर रिपोर्ट तैयार करने तक की प्रक्रिया टेक्निशियनों द्वारा की जा रही है,,
जबकि रिपोर्ट पर कंसल्टिंग पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर किए जा रहे हैं नियमित रूप से पैथोलॉजीस्ट उपलब्ध नहीं रहते,,,
वहीं कुछ पैथोलॉजी लैबों में गुमास्ता लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बाद भी संचालन जारी रहने की बात सामने आ रही है,,,
इसी कड़ी में बिलासपुर के ओम साईं पैथोलॉजी लैब का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक लैब के गुमास्ता लाइसेंस की वैधता करीब दो माह पहले समाप्त हो चुकी है। वहीं, लैब संचालक के अनुसार पैथोलॉजिस्ट सप्ताह में 2 से 3 दिन ही आते हैं,,
ऐसे में सवाल यह है कि पैथोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में लैब में होने वाली जांच और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया किस स्तर तक टेक्निशियन के भरोसे संचालित हो रही है,,,
स्वास्थ्य से जुड़ी जांच में विशेषज्ञ की भूमिका और लाइसेंस की वैधता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में पूरे मामले की प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी,,,
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कब जांच करता है और यदि अनियमितताएं सही पाई जाती हैं तो संबंधित लैब के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है,
Punam Thakur ki riport……
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