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बलरामपुर, संवाददाता : : जिले के स्वास्थ्य विभाग में तैनातियों को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि पहले से पर्याप्त स्टाफ होने के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शिवपुरा में कर्मचारियों की बैकडेट में तैनाती की जा रही है, जबकि दूसरी ओर मथुरा पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) पर ताला लटकने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में सीएचसी शिवपुरा में कुल 6 कर्मचारी पहले से कार्यरत हैं। इनमें प्रसव कक्ष में 3 स्टाफ नर्स और 1 एएनएम तैनात हैं, जबकि एनबीएसयू (न्यूबॉर्न स्टेबिलाइजेशन यूनिट) में 2 स्टाफ नर्स कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त अन्य कार्यक्रमों से भी स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बताई जा रही है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पर्याप्त स्टाफ होने के बावजूद कुछ कर्मचारियों को बैकडेट में शिवपुर में तैनाती देने की प्रक्रिया चल रही है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली और तैनाती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं,दूसरी ओर मथुरा पीएचसी में कर्मचारियों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि सभी कर्मचारियों को एक ही केंद्र पर समायोजित किया जाएगा तो अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था चरमरा सकती है।
इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी चर्चा में है। सवाल यह उठ रहा है कि जब शिवपुरा सीएचसी में पहले से पर्याप्त स्टाफ मौजूद है,तो फिर अतिरिक्त तैनाती की आवश्यकता क्यों पड़ रही है और वह भी कथित रूप से बैकडेट में।
स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह स्वास्थ्य विभाग में तैनाती प्रक्रिया की गंभीर अनियमितता का मामला साबित हो सकता है।
मुख्य बिंदु:
शिवपुरा सीएचसी में पहले से 6 स्वास्थ्यकर्मी तैनात।
प्रसव कक्ष और एनबीएसयू में पर्याप्त स्टाफ मौजूद।
इसके बावजूद कर्मचारियों की कथित बैकडेट तैनाती पर सवाल।
मथुरा पीएचसी में सेवाएं प्रभावित होने की आशंका।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर उठे सवाल।
मामले की जांच और कार्रवाई की मांग तेज।
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