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कौड़ीराम: : क्षेत्र के बाबा बालेश्वरनाथ शिव मंदिर, बलुआ में आयोजित संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पूज्य पं.सुतीक्ष्णाचार्य जी महाराज
महाराज जी ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए देवराज नामक ब्राह्मण की कथा का विस्तारपूर्वक श्रवण कराया।
उन्होंने बताया कि देवराज नाम का एक ब्राह्मण प्रारंभ में धार्मिक संस्कारों से दूर होकर पापकर्मों में लिप्त हो गया था। सांसारिक मोह और बुरे कर्मों के कारण उसका जीवन अधर्म की ओर बढ़ गया। एक अवसर पर उसे शिव महापुराण की कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। कथा श्रवण से उसके भीतर आत्मचिंतन और पश्चाताप की भावना जागृत हुई। उसने अपने पापों का त्याग कर भगवान शिव की भक्ति का मार्ग अपनाया। सच्चे मन से भगवान शिव का स्मरण और शिव महापुराण का श्रवण करने के प्रभाव से उसका जीवन परिवर्तित हो गया तथा अंततः उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई।
पूज्य महाराज जी ने कहा कि शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव महापुराण की कथा सुनने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है, जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है तथा अंत समय में भगवान शिव की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ भगवान शिव का गुणगान किया।
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