जेडी न्यूज़ विज़न…
(प्रियंका त्रिपाठी)
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. जातीय समीकरण की रणनीति से भाजपा ने साधा निशाना….
(प्रियंका त्रिपाठी)
देवरिया : : भाजपा जिलाध्यक्ष के कार्यकाल की समाप्ति के बाद नए नाम को लेकर महीनों से चल रही चर्चाओं पर आखिरकार विराम लग गया है। नए जिलाध्यक्ष की घोषणा के साथ ही पार्टी के भीतर कई कद्दावर नेताओं के राजनीतिक कद और प्रभाव में बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीति में आंतरिक विरोध और मतभेद होना स्वाभाविक है, और यह इस घटनाक्रम में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
विगत दिनों जब सदर प्रमुख को जिलाध्यक्ष बनाए जाने की अफवाह फैली, तो उसने पूरे जनपद में तूल पकड़ लिया। इस दौरान सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ जातिगत टिप्पणियां भी की गईं, जो राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के निचले स्तर को दर्शाती हैं।
हालांकि, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इन सभी विवादों को दरकिनार करते हुए एक पूर्व विधायक को जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी है। इस निर्णय के जरिए पार्टी ने सीधे तौर पर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को दुरुस्त करने का प्रयास किया है। नेतृत्व का यह दांव चुनावी सुरों को साधने में कितना कामयाब होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
वैसे इस बधाई के दौर में, बेशक एक दिन के लिए ही सही लेकिन चर्चाओं के केंद्र में आए सदर प्रमुख पवन कुमार गुप्त “पिंटू जयसवाल” और आखिरकार शीर्ष नेतृत्व का भरोसा जीतकर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष बने काली प्रसाद, दोनों को ही इस नई राजनीतिक पारी के लिए बहुत-बहुत बधाई।
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