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बिलासपुर : : जिले के सीपत क्षेत्र में एनटीपीसी डेम निर्माण के कारण वर्षों पहले किसानों की उपजाऊ जमीन दलदल में तब्दील हो गई। खेतों में लगातार जलभराव और दलदलीकरण के कारण किसान खेती करने में असमर्थ हो गए, जिससे उनकी आजीविका पर गहरा संकट आ गया। प्रभावित किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए एनटीपीसी द्वारा वर्ष 2025 तक मुआवजे की राशि प्रदान की जाती रही, लेकिन अचानक इस मुआवजे को बंद कर दिया गया।
मुआवजा बंद होने के बाद किसान आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। जिन परिवारों का जीवन पूरी तरह खेती पर निर्भर था, उनके सामने आज रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। किसान लगातार प्रशासनिक कार्यालयों, एनटीपीसी प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों के पास अपनी मांग लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
प्रभावित किसानों का कहना है कि जब तक उनकी जमीन दलदल से मुक्त नहीं हो जाती या उन्हें स्थायी समाधान नहीं मिलता, तब तक मुआवजा जारी रहना चाहिए। किसानों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए बंद की गई मुआवजा राशि को तत्काल पुनः शुरू किया जाए, ताकि उनके परिवारों का जीवनयापन सुचारु रूप से चल सके।
बिलासपुर से ममता साहू की रिपोर्ट…..
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