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सीएमआईएस पोर्टल समीक्षा बैठक में सख्त रुख, लापरवाही पर नोटिस और वेतन रोकने के निर्देश….

जेडी न्यूज़ विज़न….

(सन्तोष कुमार गुप्ता)

*लंबित परियोजनाओं, न्यायिक वादों और धीमी निर्माण कार्यों पर मंडलायुक्त ने जताई नाराजगी….

गोरखपुर: :  मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में सीएमआईएस (CMIS) पोर्टल पर दर्ज परियोजनाओं की प्रगति, कार्यदक्षता एवं सीएम डैशबोर्ड के आधार पर मंडल स्तरीय विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित फ्लैगशिप योजनाओं, निर्माण परियोजनाओं और लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि रेड श्रेणी में दर्शाई गई परियोजनाओं में संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण डाटा अपलोडिंग सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान यूपीआरएनएसएस की 5 तथा यूपी प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन की 6 परियोजनाएं रेड श्रेणी में पाए जाने पर संतोषजनक जवाब न देने के कारण संबंधित अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

आईसीडीएस पोषण अभियान के तहत गोरखपुर एवं देवरिया जनपदों में कुपोषित बच्चों के सुधार का प्रतिशत कम पाए जाने पर जिला कार्यक्रम अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए।

बैठक में लंबित न्यायिक वादों की समीक्षा के दौरान धारा-24 (सीमांकन) एवं धारा-34 (नामांतरण) के मामलों में अत्यधिक लंबित वाद पाए जाने पर संबंधित उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों के वेतन को अग्रिम आदेश तक बाधित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिलाधिकारियों को अभियान चलाकर लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।

मंडलायुक्त ने 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने चारफाटक-असुरन मार्ग, मानीराम-बालापार मार्ग, गोरखपुर-पिपराईच मार्ग सहित अन्य प्रमुख परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। जल निगम एवं लोक निर्माण विभाग के कार्यों में देरी पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो शासन को कार्रवाई के लिए संदर्भित किया जाएगा।

अमृत 2.0 योजना के तहत गोडधोइया नाला एवं रामगढ़ताल के जीर्णोद्धार कार्यों में देरी पर भी नाराजगी जताते हुए जल निगम के अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही यूपीपीसीएल एवं सीएंडडीएस को भी अनावश्यक देरी न करने की सख्त चेतावनी दी गई।

इस बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, अपर जिलाधिकारीगण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि महराजगंज, देवरिया एवं कुशीनगर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

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