जेडी न्यूज़ विज़न…
(मुन्नू लाल तिवारी)
मोहन लाल गंज लखनऊ तहसील में नायब तहसीलदार कोर्ट व उपजिलाधिकारी व अन्य कोर्ट सब ऐसे चलती रही कोई कानूनी प्रक्रिया का निर्धारण करने वाले नहीं मात्र निबंधन कार्यालय में बैनामे वसीयतनामे इकरार नामे जोरों से होते नजर आए पीड़ित मानव महिलाओं से पूंछने पर इसी पता चला बताया कि हम लोगों को आना वापस घरों को जाना दूभर हो ता है धन खर्च कर वापस अपने अपने घरों को वापस लौटने पर मजबूर हो जाते हैं इसी क्रम में अधिवक्ता पीयूष सिंह व शुशील वर्मा ने बताया कि इस समय दूर दराज से आयीं कम्पनियां के बैनामे वसीयतनामे इकरार नामे लिप्त वकीलों दलालों के मार्फत होते रहते हैं कोई पीठासीन अधिकारी की नजर इस प़ाकिया पर नहीं पड़ती यह है कानून ईश्वर ही गरीबों का निर्धारण करें गे अन्य कोई उपाय नहीं है।
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